kuchh kahein kuchh sunein
मंगलवार, 6 दिसंबर 2011
कोई सोच पूरी हो गई होती
कोई जंग जीत ली होती
लोग लोगों को समझते अपना
हर बुराई ख़तम हो गई होती
1 टिप्पणी:
Rahul Gupta Sparshi
6 दिसंबर 2011 को 10:45 pm बजे
kash samaaz mein ekroopta ho...
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