शनिवार, 14 जनवरी 2012

कान्हा को मनाना आ जाये

.कान्हा के चरणों में समर्पित ..प्रथम प्रयास ...

बोलूँ बोल ..बुलाना आ जाये ...
मुझे कान्हा को मनाना आ जाये !!

मन मंदिर में कान्हा की सूरत सजाऊँ ..
कैसे दीप जलाऊँ ..कैसे भोग लगाऊं !!

दिल चीर के दिखाना आ जाये !!
मुझे कान्हा को मनाना आ जाये !!

तेरे भक्तों के बन सारे काम जायें !
राधे राधे जपूँ ..और श्याम आयें !!

मुझे माखन बरसाना आ जाये ..!
मुझे कान्हा को मनाना आ जाये !!

राहुल गुप्ता, ग्वालियर 9826347016

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