- उड़ो.....
- उड़लो...
- मगर कितना उड़ोगे..?
- कभी थक जाओगे जब ..
- क्या करोगे ...?
- जमीं सबकी है...
- सबको प्यार देती है ..
- ये माँ जैसी ममता
- और दुलार देती है !!
- आसमां किसको कब तक
- और कहाँ तक रोक पायेगा
- जो जब तक उड़ सकेगा
- बांहों में अपनी भरेगा
- गिरते थकते को
- जमीं सम्हाल लेती है
- "माँ " तू ही है जगत में
- जो अपने मुंह का निवाला
- लाल के मुंह में डाल देती है !!!!
- राहुल गुप्ता, ग्वालियर मध्य प्रदेश
- संपर्क - 9826347016
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