सोमवार, 7 मई 2012

कविता - उड़ान



  • उड़ो.....
  • उड़लो...
  • मगर कितना उड़ोगे..?
  • कभी थक जाओगे जब ..
  • क्या करोगे ...?
  • जमीं सबकी है...
  • सबको प्यार देती है ..
  • ये माँ जैसी ममता 
  • और दुलार देती है !!
  • आसमां किसको कब तक 
  • और कहाँ तक रोक पायेगा 
  • जो जब तक उड़ सकेगा 
  • बांहों में अपनी भरेगा 
  • गिरते थकते को 
  • जमीं सम्हाल लेती है 
  • "माँ " तू ही है जगत में 
  • जो अपने मुंह का निवाला 
  • लाल के मुंह में डाल देती है !!!!
  •      राहुल गुप्ता, ग्वालियर मध्य प्रदेश 
  •             संपर्क  -  9826347016 

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