मित्रों ...पितृ दिवस ..पर पिता को खोना ....
..मेरी आह .माँ का रुदन ....मेरे पूज्य पिता की याद ...
माना अश्क रोक भी पाना
बस में नहीं आज तुम्हारे !
मेरी आँखों.... में भी छाये,
आये रह रह अश्क तुम्हारे !!
०००००००००
मेरे पिता मुझे और तुमको
आज विदा कर दूर गए हैं !
जीवन की इच्छाएं सारी..
सारे सपने ....चूर हुए हैं !!
०००००००
कभी इसी दिन को अक्सर
मैं कहता रहता था त्यौहार !
आज रुदन ने तेरे मेरे ...
मचा दिया माँ हाहाकार !!
०००००००००
मेरे इस कमजोर ह्रदय पर
भारी बहुत हैं तेरे आंसू ...!
तुझे दिलासा कैसे दे दूं
कैसे रोकूँ तेरे ये आंसू !!
००००००००
तुमने अपना सारा जीवन
जिसको सदा किया अर्पण !
कैसे निष्ठुर होकर वह ...
तोड़ गया सारे सुख बंधन !!
०००००००
रो रो आँखें सूख चली हैं
सूझे कोई राह नहीं .....!
माँ तू देख मुझे जी लेना
क्या तुझको मेरी चाह नहीं !!
००००००००
तूने ही मुझको सोंपे हैं
सच्चे जीवन के संस्कार !
मत रो मेरी प्यारी माँ तू
बेटा तुझसे कहे पुकार !!
००००००००
कैसा होगा जीवन अब यह
सोच कहीं चिंतित मत होना !
तूने प्राणों से सींचा था ..
में सुख तुझको दूंगा दूना !!
०००००००००
............राहुल गुप्ता स्पर्शी, ग्वालियर 09826347016
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